विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१६६ \qquad\qquad आनन्द मन्दिर
इस विषय मे विस्तार पूर्वक लिखा जाये तो ‘पुस्तक , बहुत
बढ़ जावेगी इसलिये यहां प्रसगं वश इस विषय को सूक्ष्म करके
इसलिये लिख दिया। स्त्री मे कामोद्दीपन केवल गर्भाधान के लिये
ऋतु होने पर ही होता है । ऋतु स्नान के बाद जब तक
गर्भाधान का समय रहता हैं तब तक स्त्री की इच्छा सम्भोग के
लिये होती है। गर्भ रह जाने पर फिर इच्छा नही होती परन्तु
जिन पुरुषो ने अधिक प्रसंग करके अपनी स्त्रियो की आदत बिगाड
दी है उनकी इच्छा का कहना ही क्या है। स्त्री की इच्छा हो या
न हो पति जबर्दस्ती गर्भ रह जाने पर भी प्रसग करते ही है।
मैथुनेच्छा की शान्ति
ऋतु स्नान से शुद्ध हुई स्त्री मे यदि गर्भधारण होजावे तो
फिर उसकी सम्भोग की इच्छा शान्त हो जाती है यदि गर्भ न
रहे तो बारह दिन तक इच्छा होती है.—
आयुर्वेद बतलाता है —
नियतेदिवसेतीते संकुचत्यम्बुजं यथा ।
ऋतौव्यतीतेनार्यास्तु योनिः संव्रियते तथा ॥
अर्थात्—जैसे फूलने के पाच सात दिन पीछे कमल स्वय
मुरझा जाता है तथा जैसे दिन मे फूला हुआ कमल सायकाल
को अपने आप ही मुद जाता है उसी प्रकार ऋतु के व्यतीत
हो जाने से अर्थात् बारह रात्रि व्यतीत होजाने पर स्त्री का गर्भा-