सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 230, कुल 704 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 230

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र १३६

७-तुला लग्न मे जो उत्पन्न होती है वह सुस्त, देरी मे कार्य
करनेवाली, आलसिन, बुद्धिहीन, गर्वीली, घमंडिनी, लोभिन और
दुष्ट स्वभाव वाली होती है ।
८-वृश्चिक लग्न मे जिसका जन्म होता है वह स्त्री सुन्दर,
रूपवती, पुण्यात्मा, पतिव्रता, गुणवती, सत्य बोलने वाली, शरीर
और नेत्र से अत्यन्त मनोहर तथा भाग्यवान होती है ।
९-धन लग्न मे जिसका जन्म होता है वह स्त्री बुद्धिमती,
पुरुष जैसी प्रकार वाली, देखने मे कठोर, क्रोधिन, स्नेह रहित,
और कलह प्रिय होती है ।
१०-मकर लग्न में जिसका जन्म होता है वह स्त्री सुन्दर
चिन्ह वाली अर्थात् सुलक्षणी, सत्य बोलने वाली, सुशीला, धर्म
परायणा, तीर्थ पूजन मे प्रीति रखने वाली, सब की प्रिय, स्त्री
कर्तव्यों मे चतुर, गुणवाली, पुत्रवती और लोक मे विख्यात
यशस्विनी होती है ।
११-कुम्भ लग्न में जिसका जन्म होता है वह स्त्री जन्म से
ही चतुर और क्षयरोग से ग्रसित, दुःखी, क्रोधिन, दुष्ट स्वभाव
वाली, बड़ो से कलह रखने वाली, अधिक खर्च करने वाली और
पापिनी होती है ।
१२-मीन लग्न मे जिसका जन्म होता है वह स्त्री बहुत पुत्र
पोत्रोवाली और अपने पति की प्यारी, माता पिता आदि भाई
बन्धुओं की प्यारी, मान पाने वाली, सुन्दर नेत्र और मनोहर