विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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१३८ आनन्द मन्दिर
लग्न फल विचार
१-मेष लग्न मे जिस स्त्री का जन्म होता है वह स्त्री झूठ
बोलने वाली, निडर, क्रोधनी, कफ प्रकृति वाली, कर्कस वाणी
वाली अर्थात् कडा बोलने वाली होती है ।
२-वृष लग्न मे जिसका जन्म होता है वह स्त्री सत्य बोलने
वाली, बुद्धिमती, अच्छे विचार वाली, नीति पूर्वक कार्य करने वाली
और पति की प्यारी होती है, स्त्रियो के कर्तव्यों मे चतुर, कुटुवियो
मे प्रेम रखने वाली और पतिव्रता होती है ।
३-मिथुन लग्न मे जिसका जन्म होता है वह कठोर वाणी
वाली, चिपय भोग मे आसक्त रहने वाली मूर्खा, निडर रहने
वाली, कफ वात की प्रकृति वाली खोटे स्वभाव वाली होती है ।
४-कर्क लग्न मे जिसका जन्म होता है वह रूपवती, धनवती,
सुशीला, भाइयो की प्यारी, सुन्दर स्वभाव वाली, बुद्धिमती, कान्ति,
वाली और भाग्यवान पति की प्यारी होती है ।
५-सिंह लग्न मे जिसका जन्म होता है वह स्त्री अत्यन्त तेज
स्वभाव वाली, कफ प्रकृति वाली, कलह करने वाली, कुरूपा और
दुष्ट स्वभाव की होती है ।
६-कन्या लग्न मे उत्पन्न हुई स्त्री सौभाग्यवती धनवती,
सुन्दर, रूपवती, धर्म परायणा, पतिव्रता, इन्द्रियो को जीतने वाली
होती है ।