विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र १२७
कर्पूर पूगपरिपूर्ण मुखी च कान्ता-
माचुंब्यशीतल कुचां परिरम्य शेते ॥
अर्थात्—शरद में चन्दन लगाकर मिश्री मिला हुआ औटाया
दूध पीकर तथा कपूर सुपारी युक्त बीडा मुख में चबाकर जो
अपनी प्यारी पत्नी का प्रेम सहित आलिंगन चुम्बन कर शयन
करते हैं वे पुरुष धन्य हैं ।
खांड के साथ हर्ड का चूर्ण अथवा आमलों का चूर्ण तथा
गुड के साथ हर्ड का चूर्ण, धनिया सेधा नमक आमले, गोभी
कमलगट्टे, भसीड़े, मुनका, घी, नरियल ये पदार्थ शरद मे
हितकारी हैं ।
कैथा की चटनी, चौलाई का शाक, परवल, खांड, वकरी का
दूध, बथुआ, पोई का शाक, नाड़ी का शाक, मरसा का शाक,
दूध की खीर, शाली और साठी चावल, जलेबी, फेनी, जामुन,
केला की गहर ये सब पदार्थ शरद् में हितकारी हैं । चूके
का शाक, तोरई, सिंघाड़ा, अनार, बिजौरा नीबू, कसेरू, वर्षा
का पानी, नदी का पानी हितकारी हैं ।
गेहूं की रोटी, पूडी, नमकीन पकवानों का सेवन हितकारी
है । शरद् के आरम्भ में जुलाब लेना हितकरी है ।
शरद् पित्त को बढाने वाली है इस कारण पित्तकर पदार्थों
का सेवन न करे इसका ध्यान रक्खे । पीपल, मिरच, भांग,