विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र १२३
सेंधा नमक, काली मिर्च, पडा हुआ गाय का मट्ठा प्रति दिन
सेवन करना चाहिये। पोई का शाक, सहजन की तरकारी,
सहजन के फूल का शाक, लौकी, मूली की तरकारी, खीर और
कुए का पानी पीना हितकारी है।
गुड़ मिलाकर गायका दही, घी मे बनाई गई गाय के दूध
की खीर खाना हितकारी है। ईख का सेवन चीनी का सेवन
लपसी, फेनी, मालपुआ, लड्डू, सेमई, सेवन हितकारी है।
मानं विधाय परिहृत्य पराङ्मुखीभिः,
कादम्बिनी समयगर्जित कातराभिः ।
आलिङ्गितोऽतिरभसातुर कामिनीभि-
र्धन्यः स्वहर्म्य समये विचिनोति निद्राम् ॥
अर्थात्—मान करके विमुख माननी स्त्री अपने प्यारे पति
से अलग होकर अर्थात् रूठकर मुह फेर कर बैठ गई उसी समय
मेघो के उमड घुमड़ कर गर्जने से और बिजली के भयानक शब्द
से भयभीत होकर अर्थात् बिजली की कड़कडाहट से डरकर
दौड़कर पति के लिपट गई इस प्रकार इस वर्षा मे जो पुरुष
अपने घर में दाम्पत्यप्रेम का आनन्द लेते हैं वे धन्य हैं।
अये बाले भजेन्नारीं प्रौढां मेघे सुगर्जति ।
वर्षा मे जिस समय बादल गर्ज रहा हो उस समय प्रौढा
स्त्री जिसकी हो वह दाम्पत्य प्रेम का आनन्द भोग करे।