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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

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१२४ आनन्द मन्दिर
भजेच्छिवाँ गुडेन सैंधवं यथेष्ट भोजनम् ।
पटोलमौद्भिदं जलं कपित्थ दाडिमीफले ॥
उपोदिकापलांडुनारिकेल तैल सट्टकान् ।
सितोपलामये शरत्सरोजलोचने प्रिये ॥
वर्षा मे हडों का चूर्ण गुड़ में मिलाकर प्रति दिन सोते
समय सेवन करे, सेंधानोन, हलका भोजन, औटाया हुआ पानी
या कुए का ताजा पानी, कैथा, अनार, पोई का शाक, प्याज
(जो खाते हो) नारियल का तेल और मिश्री का सेवन
हितकारी है ।
गरम किया हुआ गाय का दूध मिश्री मिलाकर सेवन करना,
अग्नि के पास बैठ कर अग्नि का सेवन करना, बथुए का शाक
कमलगट्टा, खजूर, बिजौरा, नीबू, मरसा का शाक, तरोई, चूका का
शाक, पके हुए करौंदा, सहतूत, अंजीर कच्चा आम व पका आम,
नारियल, गाय के दूध की खीर, लपसी, पुआ, सांठी चावल,
लाल चावल, जलेबी, पूरी, फेनी, लड्डू इन सब पदार्थों का सेवन
करना वर्षा में हितकारी है ।
वर्षा ऋतु में हानि कारक पदार्थ
नदी या तालाय का पानी पीना, दिन में सोना, गोभी, देढस,
पकी ककड़ी, चिउरा, मोठ, फूट, धूप में बैठना, धूप में चलना,
अधिक परिश्रम करना, रक्खा हुआ ठंडा भोजन करना, नाड़ी