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वरिवस्यारहस्य (भास्करराय मखी - सरोजिनी हिन्दी व्याख्या, कामकला व श्रीविद्या मन्त्र-दर्शन)

वरिवस्यारहस्य (भास्करराय मखी - सरोजिनी हिन्दी व्याख्या, कामकला व श्रीविद्या मन्त्र-दर्शन)

Varivasyarahasya of Bhaskararaya with Sarojini Hindi Commentary

भास्करराय मखी (टीकाकार: डॉ. श्यामकान्त द्विवेदी आनन्द) द्वारा

DevanagariHindipublished530 पृष्ठ

पृष्ठ 188, कुल 530 में से

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८६ वरिवस्यारहस्ये
[तालिका : संहार क्रम एवं सृष्टि क्रम]

संहार क्रमसृष्टि क्रम
अ ↓उन्मना ↓
उ ↓समना ↓
म ↓व्यापिनी ↓
बिन्दु ↓शक्ति ↓
अर्धचन्द्र ↓नादान्त ↓
रोधिनी ↓नाद ↓
नाद ↓रोधिनी ↓
नादान्त ↓अर्धचन्द्र ↓
शक्ति ↓बिन्दु ↓
व्यापिनी ↓मकार ↓
समना ↓उकार ↓
उन्मनाअकार
[मध्य चक्र : द्वादश कला वृत्त (बाह्य से अन्तर्मुख)]
१. अकार
२. उकार
३. मकार
४. बिन्दु
५. अर्धचन्द्र
६. रोधिनी
७. नाद
८. नादान्त
९. शक्ति
१०. व्यापिनी
११. समना
१२. उन्मना
केन्द्र : ॐ
अधोभाग पार्श्व-द्वय : (वाम) ॐ(दक्षिण) ॐ
[अधोवर्ती सोपान-चित्र (संहार-सृष्टि क्रम)]
संहार क्रम ← ———————————————— → सृष्टि क्रम
( मुक्ति क्रम )( बन्धन क्रम )
[ आरोह क्रम ↗ ] ------------------------- [ अवरोह क्रम ↘ ]
↗महाबिन्दु
↗उन्मना १२ ↑
↗समना ११ ↑
↗व्यापिनी १० ↑
↗शक्ति ९ ↑
↗नादान्त ८ ↑
↗नाद ७ ↑
↗रोधिनी ६ ↑
↗अर्धचन्द्र ५ ↑
↗बिन्दु ४ ↑
↗मकार ३ ↑
↗उकार २ ↑
अकार १ ↑↓ १ अकार