बृहद्विमानशास्त्रम् / वैमानिक शास्त्र (महर्षि भरद्वाज - पं. ब्रह्ममुनि परिव्राजक सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Brihad Viman Shastra / Vaimanika Shastra of Maharshi Bharadvaja
महर्षि भरद्वाज (टीकाकार: पं. ब्रह्ममुनि परिव्राजक) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें- wait, looking atपुन.: there is a dot at the baseline? No, middle dot. It's a colon/visarga! Line 12 has तत.` - dot at middle/bottom.
Let's look at L12:
तत. कण्टकहेरण्डधवलोदरचारकान् ।
Wait, is it कण्टकहेरण्डधवलोदरचारकान्?
Let's check Hindi in line 15:
"गोखरू, हेरण्ड ? धवलोदर—धव या धव और लोदर—लोध्र—लोध—लोध, चारक —पियाल"
"गोखरू" = कण्टक (गोक्षुर/कण्टक)!
"हेरण्ड" = हेरण्ड!
"धवलोदर" = धवलोदर!
"चारकान्" = चारकान्!
Yes, exactly: कण्टकहेरण्डधवलोदरचारकान् ।
Line 13:
तिलांश्च समभागेन मेलयित्वा यथाविधि ॥६९॥
Let's check letters:
तिलांश्च समभागेन मेलयित्वा यथाविधि ॥६९॥
Yes!
Line 14:
तैलाहरणयन्त्रेण तैलमाहृत्य तत्परम् ।
Let's check:
`तैलाहरणयन्त्रेण त