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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 99, कुल 208 में से

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पृष्ठ 99

त्रिशतिका 71
अन्यदुदाहरणम्
षोडशवार्णिककाञ्चनसुवर्णमूल्यं त्रिसप्ततिर्यत्र।
तत्रैकादशवार्णिकसार्धसुवर्णस्य किं भवति।। ४७।।
16 11
1 लब्धं रूपाणि 75 ९/३२
73 3/2
सुक्षेमा अनुवाद-यदि 16 वर्ण वाले 1 'सुवर्ण' का मूल्य 73 रूप है तो 11
वर्ण वाले 3/2 'सुवर्ण' का मूल्य क्या होगा।
अनुशीलन-
16 वर्ण वाले 1 सोने का मूल्य 73 रूप
1 वर्ण वाले 1 सोने का मूल्य 73/16
11 वर्ण वाले 1 सोने का मूल्य (73×11)/16
11 वर्ण वाले 3/2 सोने का मूल्य (73×11×3)/(2×16) = 2409/32 = 75 ९/३२ रूप
अन्यदुदाहरणम्
कल्याणसुवर्णदलं गुञ्जोनं सार्धविंशतिं लभते।
सार्धैकादशवार्णिक-गुञ्जात्रितयं किमाप्नोति¹।। ४८।।
न्यासः 16/1 23/2
39 3 लब्धं रूपं 1 भागाः 111/832
41/2 0
सुक्षेमा अनुवाद-यदि 16 वर्ण वाले 'कल्याणसुवर्ण' नामक सिक्के के
आधे में 1 गुञ्जा कम अर्थात् 39 गुञ्जा को² 20½ या 41/2 रूप में प्राप्त करता है
तो 11½ या 23/2 वर्ण वाली 3 गुञ्जा कितने मूल्य में प्राप्त करेगा।
16 वर्ण के 39 गुञ्जा का मूल्य 41/2 रूप
1 वर्ण के 39 गुञ्जा का मूल्य 41/(2×16)

१. तुल. पाटी-गणित उदा. 42
२. 80 गुञ्जा का एक 'सुवर्ण' होता है। द्रष्टव्य-त्रिशतिका श्लोक 5।