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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 98, कुल 208 में से

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पृष्ठ 98

70 त्रिशतिका
सूत्र–
इ.ध. = ब्याज × प्र. का. × प्र. ध.
───────────────────────
प्र. फ. × इ. का.
45/8 × 1/3 × 20 1/2 × 2/3 × 2/15 = 36180/2160 = 16 1620/2160
1620 ÷ 540 = 3 2160 ÷ 540 = 4
= 16 3/4 रूप इ. ध.
ज्ञात ब्याज के आधार पर प्रमाणफल (R.)
प्र. फ. (R.) = ब्याज × प्र. का. × प्र. ध.
─────────────────────────
इ. का. × इ. ध.
45/8 × 1/3 × 20 1/2 × 2/15 × 4/67 = 72360/48240
1 24120/48240 = 1 1/2 रूप
षोडशवार्णिकहेम्नः षष्टिमूल्यं यदा सुवर्णस्य।
कथय तदा दशवार्णिकषष्टेस्त्रियुक्तायाः¹।। ४६।।
न्यासः 16 10 लब्धं रूपाणि 2362
60 63 1/2
सुक्षेमा अनुवाद-यदि 16 वर्ण वाले 1 'सुवर्ण' का मूल्य 60 रूप है तो 10
वर्ण वाले 63 'सुवर्ण' का क्या मूल्य होगा।
अनुशीलन-
16 वर्ण वाले 1 सोने का मूल्य 60 रूप
1 वर्ण वाले 1 सोने का मूल्य 60/16
10 वर्ण वाले 1 सोने का मूल्य 60×10 / 16
10 वर्ण वाले 63 सोने का मूल्य 60×10×63 / 16 = 37800 / 16
= 2362 8/16 = 2362 1/2 रूप
१. तुल. पाटी-गणित उदा. 41, ग.सा.सं. 5.35