त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें72 त्रिशतिका
23/2 वर्ण के 39 गुञ्जा का मूल्य 41/2 × 1/16 × 23/2
23/2 वर्ण के 1 गुञ्जा का मूल्य 41/2 × 1/16 × 23/2 × 1/39
23/2 वर्ण के 3 गुञ्जा का मूल्य 41/2 × 1/16 × 23/2 × 1/39 × 3/1 = 2829/2496
⇒ 1 333/2496 = 1 111/832
अन्यदुदाहरणम्
अष्टौ व्रीहिद्रोणा नीयन्ते योजनं पणैः षड्भिः।
खारी द्रोणेन युता कियता वद योजनत्रितयम्¹॥ ४९॥
न्यासः 8 17
1 3 लब्धं पुराणौ 2। पणाः 6। काकिणी 1
6
सुक्षेमा अनुवाद-8 द्रोण व्रीहि को 1 योजन पहुँचाने की भार ढुलाई 6 पण
बनती है। तो 17 द्रोण व्रीहि को 3 योजन पहुँचाने की ढुलाई कितनी होगी।
अनुशीलन-
8 द्रोण व्रीहि 1 योजन 6 पण में।
1 द्रोण व्रीहि 1 योजन 6/8 पण में
17 द्रोण व्रीहि 1 योजन (6×17)/8 पण में
17 द्रोण व्रीहि 3 योजन (6×17×3)/8 = 306/8 पण = 153/4 पण
= 38 + 1/4 पण = 2 पुराण, 6 + 1/4 पण या 6 पण 1 काकिणी
अन्यदुदाहरणम्
यदि कर्मकरत्रितयं दिवसद्वितयेन पञ्च प्राप्नोति।
कर्मकरा अष्ट जना नवभिर्दिवसैः किमाचक्ष्व²॥ ५०॥
न्यासः 3 8
2 9 लब्धं रूपाणि 60
5
१. तुल. पाटी-गणित उदा. 43
२. तुल. पाटी-गणित उदा. 44