त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
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60 त्रिशतिका
समीकरण विधि के अनुसार-
a × b = c × d अतः 60x = 5 × 300
x = (5 × 300) / 60 = 25
स्पष्टतः समीकरण तथा सूत्र सर्वथा समान हैं।
अन्यदुदाहरणम्
सार्धद्वादशवर्णं सुवर्णशतमर्धकोपेतम्।
दत्त्वाऽऽप्यते कियत् तत् सचरणदशवार्णिकं कनकम्¹॥ ४२॥
न्यासः 12 100 10
½ ½ ¼ लब्धं सुवर्णाः 122
पणाः 8। रक्तिकाः 4। रक्तिकाभागश्च 36/41।।
सुगमानुवाद-एक निश्चित मूल्य देकर 12½ या 25/2 वर्ण (carat) वाले
आधे सहित 100 अर्थात् 201/2 'सुवर्ण' प्राप्त होते हैं तो उतना ही मूल्य देकर 10¼
वाले कितने 'सुवर्ण' खरीदे जा सकेंगे।
अनुशीलन-स्पष्टतः सोना जितना हीन