त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
DevanagariHindipublished208 पृष्ठ
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6। 6। 1000। लब्धं Wait,106। 6। 1000।-> Yes,106। 6। 1000। लब्धं`
रूपाणि भाव्यके 56। रूपभागाश्च 32/53सुक्षेमा अनुवाद-यदि 100 में 6 मिलाने पर अर्थात् 106 मूल्य से 6 वस्तुएँप्राप्त होती हैं तो 1000 मूल्य से कितनी प्राप्त होंगी।अनुशीलन-सूत्रानुसार -6 × 1000 = 6000/106 = 56 + 64/106 या 32/53 भाग
Wait, under6 × 1000is106.अन्यदुदाहरणम्अष्टसेतिकहारेण मापिता हारविंशतिः।सा षट् सेतिकहारेण का संख्या भवितोच्यताम्।। ३८।।- Footnote:
१. त्रिशतिका श्लोक 7 के अनुसार 2000 दण्ड का एक कोस, 4 हस्त का 1 दण्ड, 24 अंगुल
`का 1 हस्त सिद्ध होता है।