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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 57, कुल 208 में से

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पृष्ठ 57

त्रिशातिका 29
सुक्षेमा अनुवाद-3 रूप के साथ आधा फल अर्थात् 3½ को चतुर्थांश से
युक्त 1 अर्थात् 1¼ के साथ गुणनफल क्या होगा तथा आधा या ½ संख्या चौथाई
या ¼ से गुणित होने पर क्या उत्तर होगा, यह अलग बताओ।
अनुशीलन- पूर्वोक्तानुसार संक्रिया करने पर-
3½×1¼ = ⁷/₂×⁵/₄ = ³⁵/₈ = 4⅜ , ½×¼ = ⅛
भिन्नभागहारे सूत्रम्
छेदांशविपर्यासे हरस्य विहिते विधिः पूर्वः१॥ २०॥
सुक्षेमा अनुवाद-हर तथा अंश को विपर्यास क्रम से रखने पर अर्थात् हर
को अंश तथा अंश को हर बनाकर रखने पर पूर्वोक्त गुणन की रीति से विधि
करने पर भाग होता है।
उदाहरणम्
सार्धद्वयेन भक्ताः षट् पादयुतास्तथा त्रिभिः सार्धैः।
पादयुतरूपषष्टिः संभक्ता कथय भागाप्तम्॥ १०॥
2 6 3 60 लब्धं यथाक्रमम् ⁵⁰/₂₀ ⁴⁸²/₂₈ इति भिन्न-भागहारः
½ ¼ ½ ¼
सुक्षेमा अनुवाद-चौथाई सहित 6 अर्थात् 6¼ को आधा सहित 2 या 2½ से
भाग दीजिये। साथ ही चौथाई सहित 60 या 60¼ को आधे सहित 3 या 3½ से
भाग कर भागफल बताइये।
यहाँ पूर्वोक्त विधि अनुसार-
6¼ ÷ 2½ = ²⁵/₄ ÷ ⁵/₂ = ²⁵/₄ײ/₅ = ⁵⁰/₂₀ = ⁵/₂
60¼ ÷ 3½ = ²⁴¹/₄ ÷ ⁷/₂ = ²⁴¹/₄ײ/₇ = ⁴⁸²/₂₈ = ²⁴¹/₁₄
भिन्नवर्गे सूत्रम्
अंशकृतौ भक्तायां छेदनवर्गेण भिन्नवर्गफलम्२।
सुक्षेमा अनुवाद-अंश की कृति या वर्ग अर्थात् उसी संख्या से गुणन तथा
छेदन या हर का वर्ग करने पर भिन्न संख्याओं का वर्गफल प्राप्त होता है।
१. तुल. ब्र.स्फु.सि. 12.4, पाटी-गणित सू. 33, ग.सा.सं. 3.8, म.सि. 15.15. ग.ति.पृ. 21
लीलावती भिन्नपरिकर्माष्टक श्लोक 5
२. ब्रा.स्फु.सि. 12.5, पाटी-गणित सू. 34, ग.सा.सं. 3.13, म.सि. 15.16 लीलावती भिन्नपरिकर्माष्टक
श्लोक 5