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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 44, कुल 208 में से

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पृष्ठ 44

16 त्रिशतिका
सुक्षेमा अनुवाद-1 से लेकर 9 तक (इकाई दहाई के क्रम से स्थानीय
मान के अनुसार लिखी संख्याओं) को 753 से गुणा करने पर तथा 3 से 6 तक
उसी क्रम से लिखी संख्याओं को 8702 से गुणित करने पर गुणनफल क्या होगा।
बताओ।
गुणनफल व्याख्या में अंकित कर दिया गया हैं।
भागहारे करणसूत्रम्
तुल्येन सम्भवे सति हरं विभाज्यं च राशिना छित्त्वा।
भागो हार्यः क्रमशः प्रतिलोमं भागहारविधिः¹॥ ९॥
प्राग्लब्धप्रत्युत्पन्नफलानां स्वगुणभक्तानां न्यासः।।
भाज्यः 27216। भाजकः 21। लब्धिः 1296। भाज्यः 33152। भाजकः
37। लब्धिः 896। भाज्यः 483900। भाजकः 60। लब्धिः 8065। भाज्यः
743703703713। भाजकः 753। लब्धिः 987654321 भाज्यः 56937186
भाजकः 8702 लब्धिः 6543। एवं भागहारः समाप्तः।
सुक्षेमा अनुवाद-यदि सम्भव हो तो हर या भाजक तथा भाज्य दोनों को
किसी तुल्य या समान राशि से विभाजित करके भाज्य को भाजक की उस पहली
राशि से विभाजित करके भाजक की लब्धि से भाज्य की लब्धि को भाग देते हुए
हार्य या विभाज्य बनाने पर तो प्रतिलोम भागहार विधि होती है।
अनुशीलन-भाग की यह संक्रिया निम्न चरणों में प्रकट की जा सकती है-
यदि यह सम्भव हो कि-
भाज्य ÷ a तथा भाजक = axb
तो-
(I) भाज्य ÷ a तथा भाजक ÷ a
(II) भाज्य की लब्धि ÷ भाजक की लब्धि (b) = भाज्य ÷ भाजक
उदाहरण के लिये जिन संख्याओं को पहले गुणित किया गया है, उनके
गुणनफल को भाग के लिये प्रस्तुत करते हैं। जैसे-
27216 ÷ 21, 21 = 7×3
अतः 27216 ÷ 7 = 3888 तथा 21 ÷ 7 = 3
3888 ÷ 3 = 1296 अतः 27216 ÷ 21 = 1296
१. पाटी-गणित सू. 22, ग.सा.सं. 1.49