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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 206, कुल 208 में से

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रेखा-गणित से सम्बन्धित संक्रियाएँ

रेखागणितीय आकृतियाँआर्यभट का आर्यभटीयब्रह्मगुप्त का ब्राह्मस्फुटसिद्धान्तत्रिशतिका के स्पष्ट सूत्रत्रिशतिका से ध्वनित सूत्रभास्कराचार्य की लीलावतीआधुनिक गणित के लिये समकक्ष सूत्र
त्रिभुज का क्षेत्रफल½ भुज × कोटि<br>(आ. भ. 1.6)½ आधार × लम्ब<br>त्रिशतिका श्लोक 43(आधार × लम्ब) / 2<br>लीलावती क्षे.व्य.श्लो. 18½ b × h
” ” ”√[s(s-a) (s-b)(s-c)]<br>ब्रा.स्फु.सि. 12-21√[S(s-a) (s-b)(s-c)]<br>त्रिशतिका श्लोक 43√[S(s-a) (s-b)(s-c)]<br>लीलावती क्षे.व्य.श्लो. 19√[S(s-a)(s-b)(s-c)]
त्रिभुज का शीर्षलम्ब(2 × क्षेत्रफल) / आधार<br>(त्रिशतिका श्लोक 50)(2 × क्षेत्रफल) / आधार
विषमलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल√[(s-a) (s-b)(s-c)(s-d)]<br>(ब्रा.स्फु.सि. 12.21)<br>श्लोक 12.28 से<br>चक्रीय चतुर्भुज ध्वनित√[(s-a) (s-b)(s-c)(s-d)]<br>त्रिशतिका श्लोक 43(उदा. श्लोक 80 से<br>चक्रीय चतुर्भुज ध्वनित)√[(s-a) (s-b)(s-c)(s-d)]<br>लीलावती क्षे.व्य.श्लो. 19<br>में अस्फुट या स्थूल फल
समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल((a+b)/2) × h<br>(आ.भ. 1.8)½ (a+b) × h<br>त्रिशतिका श्लोक 42((a+b)/2) × h<br>लीलावती क्षे.व्य.श्लो. 23½ (b₁ + b₂) × h
त्रिशतिका