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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

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पृष्ठ 207

त्रिशतिका 179
शीर्षक एवं स्तम्भ विवरण:
रेखागणितीय आकृतियाँ | आर्यभट का आर्यभटीय | ब्रह्मगुप्त का ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त | त्रिशतिका के स्पष्ट सूत्र | त्रिशतिका से ध्वनित सूत्र | भास्कराचार्य की लीलावती | आधुनिक गणित के लिये समकक्ष सूत्र
१. परिधि
• रेखागणितीय आकृतियाँ: परिधि
• आर्यभट का आर्यभटीय:
(६२८३२ / २००००) × व्यास
अर्थात्
३.१४१६ × व्यास
(आ.भ. १.१०)
• ब्रह्मगुप्त का ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त: —
• त्रिशतिका के स्पष्ट सूत्र:
√(१० × व्यास²)
(त्रिशतिका श्लोक ४५)
• त्रिशतिका से ध्वनित सूत्र:
√१० × व्यास
• भास्कराचार्य की लीलावती:
(३९२७ / १२५०) × व्यास
अर्थात्
३.१४१६ × व्यास
अथवा २२/७ × व्यास
लीलावती क्षे.व्य.श्लो.४०
• आधुनिक गणित के लिये समकक्ष सूत्र:
π × व्यास
२. वृत्त का क्षेत्रफल
• रेखागणितीय आकृतियाँ: वृत्त का क्षेत्रफल
• आर्यभट का आर्यभटीय:
(परिधि / २) × (व्यास / २)
(आ.भ. १.७)
• ब्रह्मगुप्त का ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त: —
• त्रिशतिका के स्पष्ट सूत्र:
√[ १० × (व्यास / २)⁴ ]
(त्रिशतिका श्लोक ४५)
• त्रिशतिका से ध्वनित सूत्र:
(√१० × व्यास × व्यास) / ४
या (परिधि × व्यास) / ४
• भास्कराचार्य की लीलावती:
(परिधि × व्यास) / ४
अथवा—
(३९२७ × व्यास²) / ५०००
या [(११ / १४) × व्यास²] / ४
(स्थूलफल)
लीलावती क्षे.व्य.श्लो.४२
• आधुनिक गणित के लिये समकक्ष सूत्र:
या
π × त्रिज्या²
३. वृत्त-खण्ड का क्षेत्रफल
• रेखागणितीय आकृतियाँ: वृत्त-खण्ड का क्षेत्रफल
• आर्यभट का आर्यभटीय: —
• ब्रह्मगुप्त का ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त: —
• त्रिशतिका के स्पष्ट सूत्र:
√[ (१० / ९) × { शर × (जीवा + शर) / २ }² ]
त्रिशतिका श्लोक ४७
• त्रिशतिका से ध्वनित सूत्र:
[ (√१० × शर) / ३ ] × [ (जीवा + शर) / २ ]
• भास्कराचार्य की लीलावती: —
• आधुनिक गणित के लिये समकक्ष सूत्र: —
४. समखात का घनफल या घन का आयतन
• रेखागणितीय आकृतियाँ:
समखात का घनफल
या घन का आयतन
• आर्यभट का आर्यभटीय: —
• ब्रह्मगुप्त का ब्राह्मस्फुटसिद्धान्त:
क्षेत्रफल × गहराई
(ब्रा.स्फु.सि. १२.४४)
• त्रिशतिका के स्पष्ट सूत्र:
लम्बाई × चौड़ाई × गहराई
त्रिशतिका श्लोक ५३
• त्रिशतिका से ध्वनित सूत्र: —
• भास्कराचार्य की लीलावती:
क्षेत्रफल × गहराई
लीलावती खात व्य.श्लो. १
• आधुनिक गणित के लिये समकक्ष सूत्र: —