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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 205, कुल 208 में से

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त्रिशतिका 177

श्रेढी-व्यवहार (progression) से सम्बन्धित संक्रियाएँ

विषयआर्यभट का आर्यभटीयब्राह्मस्फुट का ब्राह्मस्फुट सिद्धान्तत्रिशतिका के स्पष्ट सूत्रत्रिशतिका से ध्वनित सूत्रभास्कराचार्य की लीलावतीआधुनिक गणित के लिये समकक्ष सूत्र
अन्त्यधन (l)a + (n-1)da + (n-1)da + (n-1)da + (n-1)d
मध्यधन (m)(a + l) / 2{2a + (n-1)d} / 2
सर्वधन (s)n(a + l) / 2n × mn(a + l) / 2n/2 {2a + (n-1)d}
आदिधन (a)s/n - (n-1)d / 2s/n - (n-1)d / 2सर्वधन के सूत्र के आधार पर समीकरण के सामान्य नियमों से प्राप्त सूत्र
चय या प्रचय (d)2(s/n - a) / (n-1)2(s/n - a) / (n-1)सर्वधन के सूत्र पर समीकरण के सामान्य नियमों से प्राप्त सूत्र
गच्छ या पदों की संख्या (n)आर्यभटीय<br>½ [ {√((2a-d)² + 8sd) - 2a} / d + 1 ]त्रिशतिका का स्पष्ट सूत्र<br>[√((2a-d)² + 8sd) - (2a-d)] / 2d<br>(त्रिशतिका श्लोक 41)भास्कराचार्य की लीलावती<br>n = [√{2sd + (a - d/2)²} - (a - d/2)] / d