त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
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परिशिष्ट नं. ३ : त्रिशतिका की तुलनीय गणितीय संक्रियाओं से प्राप्त सूत्र
यह सूची वर्णानुक्रम ने नहीं, अपितु विषयानुक्रम से है। सूत्रों के प्रमाण के लिये 'गणितीय संक्रियाओं' वाला परिशिष्ट नं. 2 देखा जावे। अंकगणित तथा बीजगणित से सम्बन्धित संक्रियाएँ-
त्रिशतिका
विषय | त्रिशतिका से प्राप्त स्पष्ट सूत्र | त्रिशतिका से प्राप्त ध्वनित सूत्र | भास्कराचार्य की लीलावती | आधुनिक गणित द्वारा विकसित सूत्र
1 से क्रमिक संख्याओं 1 + 2 + 3 --- अन्तिम पद (n) तक का संकलित या योग | s = n (n + 1) / 2 | s = n² + n / 2 | s = n(n + 1) / 2 | S = n/2 {2a + (n-1)d} इस सर्वधन के सामान्य सूत्र पर समीकरण नियम से प्राप्त सूत्र
1 से विषम संख्याओं अर्थात् 1 + 3 + 5-- अन्तिम पद (n) तक का संकलित या योग | विषम संख्याओं का योग या S = पदों की संख्या² या n² अथवा (अन्तिम विषम संख्या + 1 / 2)² | | |
1 + 2 + 3---अन्तिम पद (n) के संकलित से पदों की संख्या | n = (√(8S + 1) - 1) / 2 | | | 1+2+3--अन्तिम पद के संकलित के सूत्र को द्विघात समीकरणका रूप देकर उस सूत्र के सामान्य नियमों से सिद्ध।
गुणनफल (द्विपद का) | (a+b)²=a² 2ab+b² (त्रिशतिका सूत्र 10) | | स्पष्ट प्रोक्त |
गुणनफल (द्विपद का) | (a + b) (a-b) = a² - b² (त्रिशतिका सूत्र 11) | | स्पष्ट प्रोक्त |
गुणनफल (त्रिपद का) | (a + b+C)² = a² +2ab+b²+2ac+2bc+c² (त्रिशतिका सूत्र 10 तथा 12) | | स्पष्ट वर्णन |
घनफल (द्विपद का) | (a+b)³=a³+3a²b+3ab²+b³ (त्रिशतिका सूत्र 14) | | |