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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 189, कुल 208 में से

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पृष्ठ 189

त्रिशतिका 161

त्रिशतिका सूत्र 22 पृ. 31 में भिन्न-संक्रियाओं के 6 प्रकार
कु = मुख के समानान्तर आधार भुजा (base, parallel to मुख)
त्रिशतिका सूत्र 42 पृ. 111
चतुर्भुजेऽन्यत्र समानलम्बे लम्बेन निघ्नं कुमुखैक्यखण्डम् लीलावती श्लोक
23, पृ. 225
कार्मुक (पर्याय-चाप, धनुः) = परिधि-खण्ड (arc) इसके धनुष-आकार
का होने से यह नाम विकसित है।
त्रिशतिका सूत्र 47, पृ. 126
पर्याय धनुः का प्रयोग- इषुवर्गस्य षड्गुणस्य ज्यावर्गयुतस्य मूलं धनुःकाष्ठम्

  • तत्त्वार्थाधिगम-सूत्र भाष्य 3.71
    आप्ते पदे वृतिदलात् पतिते धनुः स्यात् - लीलावती श्लोक 49, पृ. 301
    कृति = वर्ग (square)
    अर्थ- सदृशद्विराशिघातः- त्रिशतिका सूत्र 11, पृ. 17
    सवर्णितांशवर्गश्छेदकृतिविभाजितो भवति वर्गः - ब्रा. स्फु. सि. 12.5
    कोटि = लम्ब (perpendicular) त्रिशतिका सूत्र 50 पृ. 131 त्र्यस्रे
    चतुरस्रे वा सा कोटिः कीर्तिता तज्ज्ञैः - लीलावती क्षेत्रव्यवहार श्लोक 1 पृ. 172
    क्रकचफल = चीरी हुई लकड़ी का क्षेत्रफल (area of wooden pieces)
    त्रिशतिका सूत्र 60, पृ. 150
    लीलावती - क्रकचव्यवहार श्लोक 3, पृ. 313
    सामान्य अर्थ- दारुदारणपथ (लीलावती पृ. 312)
    ख = शून्य (cipher)
    त्रिशतिका सूत्र 8, पृ. 14
    धनयोर्धनमृणमृणयोर्धनर्णयोरन्तरं समैक्यं खम्।। ब्रा.स्फु.सि. 18.30
    खात फल = खोदे गए घनाभ गड्ढे का घनफल (the volume of a
    ditch) त्रिशतिका उदा. 87, पृ. 138
    क्षेत्रफलं वेधगुणं खाते घनहस्तसंख्या स्यात्। लीलावती खातव्यवहार श्लोक
    1, पृ. 303
    घन (cube) -