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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

पृष्ठ 142, कुल 208 में से

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पृष्ठ 142

114 त्रिशतिका
अनुशीलन-उपरिलिखित सूत्रानुसार-
समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ (14 + 4) × 12 = 9 × 12 = 108 वर्ग
हस्त।
अन्यदुदाहरणम्
त्रिगुणास्त्रयोदश धरा पञ्चकृतिर्यस्य बाहुवदनानि।
लम्बस्त्रयोऽष्टगुणितास्तस्य फलं कथय यदि वेत्सि¹।। 79।।
25
25 24 25
39
लब्धं फलम् 768
सुक्षेमा अनुवाद-जिस चतुर्भुज की धरा या आधार 13 × 3 = 39 हाथ है,
जिसकी ऊपर की भुजा 5² = 25 हाथ है तथा पार्श्व की असमान्तर दोनों भुजाएँ
भी 5² या 25-25 हाथ हैं। जिसका शीर्षलम्ब 3 × 8 = 24 हाथ है। उस चतुर्भुज
का क्षेत्रफल यदि जानते हो तो बताओ।
अनुशीलन-उपरिलिखित सूत्रानुसार-
समलम्ब चतुर्भुज का क्षेत्रफल = ½ (39 + 25) × 24
= 32 × 24 = 768 हाथ²
विकर्ण के उपयोग से त्रिभुज के सूत्र द्वारा भी यही परिणाम प्राप्त करते हैं-
b
7D 25 C
24
24 25
32
A 39 B
a
१. तुल. पाटी-गणित उदा. 128