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सर्वकोश
त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary

श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished208 पृष्ठ

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त्रिशतिका 113
तृतीय त्रिभुज का क्षेत्रफल = 108/2 = 54 वर्ग हस्त
द्वितीय आयत का क्षेत्रफल = 24 वर्ग हस्त
सम्पूर्ण त्रिभुज का कुल क्षेत्रफल = 108 वर्ग हस्त
इस से रेखा-गणित का यह प्रमेय सिद्ध है कि समलम्ब चतुर्भुज का
क्षेत्रफल उसके शीर्षलम्ब और समान्तर भुजाओं के योगफल के गुणनफल का
आधा होता है।
अन्यदुदाहरणम्
भूमिश्चतुर्दशकरा द्वादश लम्बो मुखं तु चत्वारः।
त्रियुता दश पार्श्वभुजौ यस्य सखे तस्य किं गणितम्।। 78।।
न्यासः
लब्धं फलम् 108।।
सुषेमा अनुवाद-जिस समलम्ब चतुर्भुज की भूमि या आधार 14 हाथ है
तथा मुख या ऊपर की भुजा 4 हाथ है। उस पर 12 हाथ का शीर्षलम्ब है। इसकी
असमान्तर पार्श्व की दोनों भुजाएँ 13-13 हाथ हैं। हे मित्र! ऐसे समलम्ब चतुर्भुज
का क्षेत्रफल क्या होगा।