त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें... Physical line 4:वित्तं प्रयच्छति... Physical line 5:पूर्वोक्तोदाहृतवन्न्यासः... Physical line 6:17। मध्यधनम् 9¾। सर्वधनम् 292½ Physical line 7:सुक्षेमा अनुवाद-कोई धनी किसी याचक को प्रथम दिन 2½ अथवा 5/2 रूप Physical line 8:वित्त देकर एक मास तक प्रत्येक अन्य दिन ½ रूप बढ़ाकर प्रदान करता है, तो Physical line 9:मास के अन्तिम तथा मध्य दिन वह कितने रूप प्रदान करेगा। साथ ही सम्पूर्ण Physical line 10:कुल कितने रूप अथवा सर्वधन दिया जावेगा। Physical line 11:यहाँ उत्तर (d) ½, गच्छ (n) 30 है। Physical line 12:पूर्वोक्त सूत्रानुसार- Physical line 13:½ (30-1) + 5/2 = 29/2 + 5/2 = 34/2 = 17 रूप अन्त्य धन Physical line 14:5/2 + 17 = 39/2 × ½ = 39/4 = 9¾ रूप मध्यधन(with bar under 5/2 + 17) Physical line 15: 2`
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