त्रिशतिका: पाटीगणितसार (श्रीधराचार्य - पं. सुद्युम्नाचार्य सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Trishatika / Patiganitasara of Sridharacharya with Hindi Commentary
श्रीधराचार्य (टीकाकार: पं. सुद्युम्नाचार्य) द्वारा
पृष्ठ 102, कुल 208 में से
संदर्भ में पढ़ें74 त्रिशतिका
27 वर्ग क्षेत्रफल वाला 2 कम्बल 10×27×2 रूप में 540/16
16
= 270/8 = 33 6/8 = 33 ¾ रूप
नवराशिके उदाहरणम्
आयामव्यासपिण्डेषु नवपञ्चैकहस्तका।
लभ्यन्तेऽष्टौ शिला द्वे किं दशसप्तद्विहस्तके१।। ५२।।
न्यासः 1 2
9 10 लब्धम् 49 7/9
5 7
1 2
8 0
सुक्षेमा अनुवाद-9 हाथ लम्बी, 5 हाथ चौड़ी 1 हाथ मोटी 1 शिला 8 रूप
में मिलती है तो 10 हाथ लम्बी, 7 हाथ चौड़ी 2 हाथ मोटी 2 शिला कितने रूप
में मिलेगी।
9×5×1 = 45 घन आयतन की 1 शिला 8 रूप में
1 घन आयतन की 1 शिला 8/45 रूप में
10×7×2 = 140 घन आयतन की 1 शिला 8×140/45 रूप में
140 घन आयतन की 2 शिला 8×140×2/45 = 2240/45
= 448/9 = 49 7/9 रूप में
अन्यदुदाहरणम्
द्विव्यासषट्समुच्छ्रयसप्तायामस्य हस्तिनो द्रोणः।
त्रिव्यासनवसमुच्छ्रयदशदैर्घ्यगजस्य किं भुक्तौ२।। ५३।।
१. तुल. पाटी-गणित उदा. 46
२. तुल. पाटी-गणित उदा. 47