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सर्वकोश
तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary

आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा

DevanagariHindipublished177 पृष्ठ

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पृष्ठ 74

अध्याय - ४
The beings other than celestial, infernal and
human beings are animals.
स्थितिरसुरनागसुपर्णद्वीपशेषाणां
सागरोपमत्रिपल्योपमार्द्धहीनमिताः ॥२८॥
भवनवासी देवों में असुरकुमार, नागकुमार, सुपर्णकुमार,
द्वीपकुमार और बाकी के कुमारों की आयु क्रम से एक
सागर, तीन पल्य, अढ़ाई पल्य, दो पल्य और डेढ़ पल्य है।
The lifetime of Asura, Nāga, Suparṇa, and Dvīpa
kumāras and the rest of the Residential devas is
one sāgaropama, three palyas, two and a half
palyas, two palyas, and one and a half palyas.
सौधर्मेशानयोः सागरोपमे अधिके ॥२९॥
सौधर्म और ईशान स्वर्ग के देवों की आयु दो सागर से कुछ
अधिक है।
In Saudharma and Aiṣāna Kalpas the maximum
lifetime is a little over two sāgaropamas.
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