तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअध्याय - २
उपयोगो लक्षणम् ॥८॥
[ लक्षणम् ] जीव का लक्षण [ उपयोगः ] उपयोग है।
Consciousness is the differentia (distinctive
characteristic) of the soul.
स द्विविधोऽष्टचतुर्भेदः ॥९॥
[ सः ] वह उपयोग [ द्विविधः ] ज्ञानोपयोग और दर्शनोपयोग
के भेद से दो प्रकार का है, और वे क्रमशः [ अष्ट चतुः
भेदः ] आठ और चार भेद सहित हैं अर्थात् ज्ञानोपयोग के
मति, श्रुत, अवधि, मनःपर्यय, केवल (यह पाँच सम्यग्ज्ञान)
और कुमति, कुश्रुत तथा कुअवधि (यह तीन मिथ्याज्ञान) इस
प्रकार आठ भेद हैं। तथा दर्शनोपयोग के चक्षु, अचक्षु, अवधि
तथा केवल इस प्रकार चार भेद हैं। इस प्रकार ज्ञान के आठ
और दर्शन के चार भेद मिलकर उपयोग के कुल बारह भेद
हैं।
Consciousness is of two kinds. And these in turn
are of eight, and four kinds respectively.
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