तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)

तत्त्वार्थ सूत्र (मोक्षशास्त्र - संस्कृत सूत्र एवं हिन्दी व्याख्या)
Tattvartha Sutra / Mokshashastra with Hindi Commentary
आचार्य उमास्वामी (उमास्वाति) / आचार्य पूज्यपाद द्वारा
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अध्याय - ८
सदसद्वेद्ये ॥८॥
[ सदसद्वेद्ये ] सातावेदनीय और असातावेदनीय ये दो वेदनीय
कर्म के भेद हैं।
दर्शनचारित्रमोहनीयाकषायकषायवेदनीयाख्यास्त्रिद्विनव-
षोडशभेदाः सम्यक्त्वमिथ्यात्वतदुभयान्यकषायकषायौ
हास्यरत्यरतिशोकभयजुगुप्सास्त्रीपुन्नपुंसकवेदा
अनन्तानुबन्ध्यप्रत्याख्यानप्रत्याख्यानसंज्वलन-
विकल्पाश्चैकशः क्रोधमानमायालोभाः ॥९॥
[ दर्शनचारित्रमोहनीयाकषायकषायवेदनीयाख्याः ]
दर्शनमोहनीय, चारित्रमोहनीय, अकषायवेदनीय और