तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
DevanagariHindipublished174 पृष्ठ
पृष्ठ 89, कुल 174 में से
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तरुणके स्वप्न
कुछ उपकार किया है उसे छोड़ भी दिया जाय तो कहा
जा सकता है कि वे एक महापुरुष थे।
मैं अपनी असली बातसे बहुत दूर आ गया, अब
मुझे रुकना होगा। तुम्हारी चिट्ठीका जवाब पूरा पूरा
नहीं दे सका किन्तु अधिक देर करनेसे आजकी डाक
छूट जायगी। मैं जानता हूं तुम मेरा पत्र पानेकेलिये
उद्विग्न 'होगे। इसलिये यह चिट्ठी आजकी डाकसेही
छोड़ना होगा। अगले पत्रमें और समाचार लिखूंगा।
इति—