तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
DevanagariHindipublished174 पृष्ठ
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चरित्र गठन और मानसिक उन्नति
बहुत दिन हुए systemetic study छोड़नेके लिये
बाध्य हुआ हूं, राष्ट्रीयताकी भित्ति स्वरूप जो कुछ मूल
समस्याएं हैं उनके समाधानके लिये लिखना-पढ़ना और
गवेषणा शुरू की थी। आजकल वह काम बन्द है। फिर
कब शुरू कर सकूं'गा मालूम नहीं। बाहर निकळनेपर यह
काम न कर सकूं'गा इसलिये यहीं काम खत्म कर लेना
चाहता हूं। मेरे कारावासका काम शायद अभीतक समाप्त
नही हुआ इसलिये जानेमे विलम्ब हो रहा है।
भगवान आप सबको प्रसन्न रखें तथा उनका
आशीर्वाद हमेशा आपको प्राप्त हो यही मेरी प्रार्थना है,
इति—
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