तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
कर्ममय जीवनकी अभिज्ञता द्वारा हमें उसका आविष्कार
करना ही होगा।
हम यौवनकी बाढमें लीन होते जा रहे हैं, संसारको
आनन्दका आस्वाद देनेकेलिये, क्यो'कि हम आनन्द-
स्वरूप हैं। आनन्दके मूर्त्तिमान प्रतीककी तरह हम संसार-
में विचरण करेंगे। अपने आनन्दमें हम हंसेंगे, साथ ही
दुनियाको भी दिवानी बना देंगे। हम जिस तरफ
घूम पड़ेंगे, निरानन्दका अन्धकार लजाकर भाग जायगा।
हमारे जीवनदायी स्पर्शके प्रभावसे रोग, शोक, ताप भाग
खड़े होंगे।
इस दुःखपूर्ण, वेदना-जर्जर नरलोकको हम आनन्द-
सागरसे ओतप्रोत कर देंगे।
हम आशा, उत्साह, त्याग, ओज लेकर आये हैं।
हम सृष्टि करने आये हैं, क्योंकि सृष्टिमें ही आनन्द है।
बुद्धि, तन-मन-प्राण देकर हम सृष्टि करेंगे। हमारे अन्दर
जो कुछ सत्य है, सुन्दर है, शिव है, उसे अपने सृष्ट
पदार्थमें पूर्णरूपसे झलका देंगे।। आत्मदानमें जो आन-
न्द है, उस आनन्दसे हम विभोर होंगे। उस आनन्दका
आस्वाद पाकर पृथ्वी भी धन्य होगी।
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