तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
DevanagariHindipublished174 पृष्ठ
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तरुणके स्वप्न
पर निर्भर न होकर अपना भरोसा करना होगा। नवीन
जातिकी सृष्टिका उत्तरदायित्व आज युवकोंपर है।
इतना बड़ा दायित्वपूर्ण कार्य सफल बनानेके लिये प्राणों-
की बाजी लगाकर साधनामें प्रवृत्त होना होगा। बड़ी
प्रसन्नताकी बात है कि चारों तरफ इस साधनाका विपुल
आयोजन चल रहा है। इस विराट् यज्ञमें हमी निश्चेष्ट
रहेगे, यह हो ही नहीं सकता। इसीलिये कहता हूं, हे
तरुण दल ! आओ, हम भी यह वाणी उच्चरित करें।
“मंत्रम् वा साधयेयम् शरीरम् वा पातयेयम् ।”
आश्विन १३३१ ( वंगला )
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