तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
DevanagariHindipublished174 पृष्ठ
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तरुणके स्वप्न
क्या कर सकता है ? देशका अकिंचन सेवक होनेपर भी
आपकेलिये तो मैं बिलकुल अपरिचित नहीं हूं। सबके
साथ प्रत्यक्ष परिचय न होनेपर भी क्या आपके ऊपर मेरा
कोई दावा नहीं है ? मैं प्रार्थना करता हूं, मेरी जयका
अर्थ है, राष्ट्रीय महासभाकी जय, जनमतकी जय, आप-
की जय है। इस व्ययसाध्य निर्वाचन संग्राममें आप ही
मेरी आशा, भरोसा, सहारा सब कुछ हैं। आपकी सेवा
कर कृतार्थ बनूं यही मेरी आकांक्षा है। मुझे विश्वास है
कि आप मुझे सेवाका सुयोग और अधिकार देकर धन्य
करेंगे और मैं क्या कहूं ? आप ही देशके मूर्तस्वरूप हैं।
वतनसे दूर, समुद्र पार निर्वासित बन्दीका श्रद्धापूर्वक
अभिवादन स्वीकार कीजिये। इति
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