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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 101, कुल 174 में से

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पृष्ठ 101

तरुणके स्वप्न
इसलिये यदि इस पैक्टका कुछ अंश या कुछ धाराएं
उद्देश्य साधनके विपरीत या ग्रहणके अयोग्य समझी
जायं तो उनके परिवर्तनमें भी देशबन्धुको आपत्ति नहीं
थी। जहां तक मुझे याद है शायद कोकनाडा कांग्रेसमें
उन्होंने यह भी कहा था कि बंगाल पैक्ट इसी समय
कांग्रेस ग्रहण कर ले, यह वे नहीं चाहते। उनकी इच्छा
थी कि यह पैक्ट अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा
आलोचित हो।
किन्तु उस समय कांग्रेस उसकी घोर विरोधी थी,
तथा कांग्रेसके सभ्य उस पैक्टकी आलोचना करनेके लिये
तैयार नहीं थे। कोकनाडा कांग्रेसके बाद सिराजगंजमें
यह पैक्ट गृहित हुआ था। मैं वहां ही उपस्थित नहीं था
किन्तु पैक्ट ग्रहण करनेके पहले भी देशबन्धुने सबको
आश्वासन दिया था कि वे किसी तरहके तर्क या सम-
झौतेकी बात नहीं सुनेंगे सो बात नहीं, बल्कि वे पैक्टके
किसी अंश या धाराके परिवर्तनकी जरूरत होनेपर वैसा
करनेकेलिये तैयार थे।
इसलिये मेरा खयाल है कि देशबन्धुका अनुरक्त भक्त
रहते हुए भी पैक्टके किसी किसी अंशके परिवर्तनकी
मांगकी जा सकती है। साथ ही साथ मैं यह भी समझ
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