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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 100, कुल 174 में से

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पृष्ठ 100

हिन्दू-मुस्लिम पैक्ट
माण्डला जेल
मैने आपका इस्तहार और श्रीयुक्त सेन गुप्त लिखित
उसका प्रतिवाद पढ़ा है। अब तक श्रीयुक्त सेन गुप्तके
प्रतिवादका कोई उत्तर नहीं देखा। पैक्टके फिर ग्रहण
करनेकी बात उठ ही नहीं सकती। सिराजगंजमें जब पैक्ट
स्वीकृत हुआ था, तब इसके खिलाफ एक दल था जो
मूक था। देशबन्धु यह जानते थे और उन्होंने एक बार
नहीं, बार बार साफ कह दिया था कि उनका उद्देश्य
देशके दो भिन्न सम्प्रदायोंके मिलनेकी एक स्पष्ट भित्ति
स्थापित करना है।
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