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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

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तरुणके स्वप्न
सर्वदा कांटोंसे रहित रखना ताकि मुक्तिसेना बिना बाधा
जाती आती रहे।
हमारे लिये मनुष्यजीवन एक अखण्ड सत्य है।
फिलहाल हम जो स्वाधीनता चाहते हैं, उस स्वाधीनता-
के बिना जीवन धारण करना एक विडम्बना है। जिसकी
प्राप्तिके लिये हमने युग, युगमें हंसते हंसते अपना खून
दिया है, वह सर्वतोमुखी है। जीवनके हर एक क्षेत्रमें,
हर तरफ मुक्तिवाणीका प्रचार करने हम आये हैं। चाहे
समाजनीति हो, अर्थनीति हो, राष्ट्रनीति हो या धर्म-
नीति हो, जीवनके प्रत्येक भागमें हम सत्यके प्रकाशमें
आनन्दका उच्छ्वास देखना चाहते हैं, हम उदारताके
मौलिक सिद्धान्तोंकी स्थापना चाहते हैं।
अनादिकालसे हम मुक्तिका सन्देश सुना रहे हैं,
स्वतन्त्रताका गान गा रहे हैं। बचपनसे ही मुक्तिकी
आकांक्षा हमारी रग रगमें बहने लगती है। पैदा होते ही
हम जो रो उठते हैं, हमारा वह रोना पार्थिव बन्धनोंके
प्रति विद्रोह प्रदर्शित करनेके लिये है। बचपनमें रोना ही
हमारा बल रहता है, किन्तु यौवनके द्वारपर पहुंचते ही हमें
भुजाओं और बुद्धिकी सहायता मिलती है। इन भुजाओं
और बुद्धिकी सहायतासे हमने क्या, नहीं किया ? कित-
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