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सर्वकोश
ताण्ड्य महाब्राह्मण / पञ्चविंश ब्राह्मण (सायण भाष्य एवं चिन्नस्वामी शास्त्री टीका सहित)

ताण्ड्य महाब्राह्मण / पञ्चविंश ब्राह्मण (सायण भाष्य एवं चिन्नस्वामी शास्त्री टीका सहित)

Tandya Mahabrahmana with Sayanacharya Commentary

महर्षि ताण्डि (भाष्यकार: श्रीमत् सायणचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished518 पृष्ठ

पृष्ठ 348, कुल 518 में से

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पृष्ठ 348

":
Look at "सँ": it has a candrabindu over sa.

Line :
"तत एतज्जमदग्निर्द्विहव्यमपश्यत्तमिन्द्र उपावर्त्तत य-"
Double त in "उपावर्त्तत": उपावर्त्तत.

Line :
"द्विहव्यँ होता शँसतीन्द्रमेवैषां वृङ्क्ते ॥१४॥"
Candrabindu on "द्विहव्यँ", candrabindu on "शँसतीन्द्रमेवैषां".

Line :
"पुरा जमदग्नेरन्येषामृषीणाञ्च सोमौ संसुतौ सहाऽभिषुतावास्तां"
Look at "संसुतौ": anusvara.
"सहाऽभिषुतावास्तां": saha + abhiṣutāvāstāṁ with avagraha: सहाऽभिषुतावास्तां.

Line :
"भवेताम् । ततोऽनन्तरं जमदग्निरेतद्विहव्यं सूक्तमपश्यत् । तं जमदग्नि-"

Line :
"मिन्द्र उपावर्त्ततोपागच्छत्, नान्यान् । तत इदानीन्तनोऽपि होता संसु-"
Wait, after उपागच्छत् there is a comma: "उपावर्त्ततोपागच्छत्, नान्यान् ।"