तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)
Taittiriya Aranyaka with Sayanacharya Commentary
कृष्ण यजुर्वेदीय महर्षि मण्डल (भाष्यकार: श्रीमत् सायणाचार्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंय॒मनामकाय? यमनामकाय! "यमाय त्वा" -> यमनामकाय!
And in L17: "विभादिभिर्युक्ताय" or "ऋभुमते"? In mantra L11: "त्वर्जुमते विभुमते प्रभुमते वाजवते" -> wait, does it say "ऋभुमते" in the mantra?
Look at L11: "स॒वि॒त्रे त्व॑र्जुम॑ते" -> wait, is that "त्वर्जुमते" or "त्वृभुमते"?
Look at L11: त्व followed by ॠ / र्जु:
Wait! In Taittiriya Aranyaka 4.9:
"सवित्रे त्वर्जुमते" or "सवित्रे त्वृभुमते"?
The mantra in Taittiriya Aranyaka 4.9.1 is:
"सवित्रे त्वर्जुमते विभुमते प्रभुमते वाजवते स्वाहा" (or त्वृभुमते).
Here it is printed: "त्व॑र्जुम॑ते" (or त्व॑र्भुम॑ते / त्वृभुमते).
And in L17, before "-म्भादिभिर्युक्ताय", maybe "ऋजुत्वादि..." or "ऋभ्वादिभिर्युक्ताय"?
It looks like "[ऋ]भादिभिर्युक्ताय" or "[वि]भादिभिर्युक्ताय" or "म्भादिभि