सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

Taittiriya Aranyaka with Sayanacharya Commentary

कृष्ण यजुर्वेदीय महर्षि मण्डल (भाष्यकार: श्रीमत् सायणाचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished914 पृष्ठ

पृष्ठ 21, कुल 914 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 21

ित्येव पाठः ।->कामिलादित्येव पाठः ।And footnote×says:× अत्राप्यनादर्शपुस्तकेषु कामिलरोगेतगादिरव पाठः ।Wait, could it be:× अत्राप्यादर्शपुस्तकेषु कामिलरोगो गदादिरिव पाठः ।? Wait, look at: का, मि, ल, रो, गे(orग), त(orत्), गा(orग), दि(with short i),रे(orर), व(orब)? Wait: कामिलरोगेतगादिरिव पाठः ।orकामिलरोगो गदादिरिव पाठः ।? Wait, look at गे: there is no top matra, it's ग! Wait, कामिलरोगेत...wait,कामिलरोग इत्येव पाठः? Wait! Look at the words: का म ल रो गे त् ये व पा ठ ः! YES! कामलरोग इत्येव पाठः ।! Look at it: का मि(orम?) ल रो गे त्ये व पा ठ ःWait:का मि` (with short i