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सर्वकोश
तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

तैत्तिरीय आरण्यक (सायण भाष्य एवं भट्टभास्कर भाष्य सहित सम्पूर्ण प्रथम भाग)

Taittiriya Aranyaka with Sayanacharya Commentary

कृष्ण यजुर्वेदीय महर्षि मण्डल (भाष्यकार: श्रीमत् सायणाचार्य) द्वारा

DevanagariSanskritpublished914 पृष्ठ

पृष्ठ 107, कुल 914 में से

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पृष्ठ 107

= तत्सर्वमयामारुणकेतुको ? NO, म + आ = मा!
So:
त (ta)
त्स (tsa)
र्व (rva)
म (ma)
य (ya)
मा (mā)
रु (ru)
ण (ṇa)
के (ke)
तु (tu)
को (ko)
It is: तत्सर्वमयामारुणकेतुको? NO, look at the letters:
त (1)
त्स (2)
र्व (3)
म (4)
य (5)
मा (6)
रु (7)
ण (8)
के (9)
तु (10)
को (11)
There is NO 'या'! It's म then य then मा!
Yes! तत्सर्वम + य + मारुणकेतुको = तत्सर्वमयामारुण? No, why do I keep saying या?
It is: तत्सर्वम (tatsarvama) + य (ya) + मारुणकेतुको (māruṇaketuko) = तत्सर्वमयामारुण? NO:
tatsarvam + ayam + āruṇaketuko = tatsarvamayamāruṇaketuko!