स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary
आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें४८ श्रीमद्राजचन्द्रजैनशास्त्रमालायां
पृ० पंक्ति अशुद्ध शुद्ध
२४८ ९ इतरांशापलावी इतरांशापलापी
२५० ३८ परन्त् परन्तु
२५७ १६, पण्णां पण्णं
२५९ २ ,, ,,
२६१ २० याख्या प्रज्ञप्ति व्याख्या प्रज्ञप्ति
२७० २९ वन्दनीम वन्दनीय
२७१ २८ वन्धम् बन्धम्
२७२ १६ दिशन्नमसूय दिशस्तमसूय
२७२ २१ डम्बरेभ्यो डम्वरेभ्यो
२७३ अंतिम बत वत
२९३ १५ छहं छह
२९५ अंतिम मेघधविजयगणि मेघविजयगणि
२९७ १० विपाकसूव विपाकसूत्र
२९८ २६ प्रश्नव्यकरण प्रश्नव्याकरण
३०० २२ करकेएक करके एक
३०१ २२ मनको मनकी
३०३ १२ मान माना
३०६ १६ सिद्धान्तोंमें मे सिद्धान्तोंमें
३१० १७ माना । है माना है।
३१२ ३१ भुमयं मुभयं
३१४ ६ घे थे
३१४ २५ Consciosness Consciousness
३२० ३ षदार्य पदार्थ
३२४ १२ करसे करते
३२९ ११ नही नहीं
३३० २४ रचनाकी रचना की
३३१ ६ चर्चाकी चर्चा की
३३२ २२ सांस्कृतिके मस्तिष्ककी सांस्कृतिक मस्तिष्कका
३३३ १६ Problems Problems
३३३ १९ वेवर बेवर
३३४ ९ बस्त्र वस्त्र
३३४ १० स्बीकार स्वीकार
३३४ ३४ सर्बथा सर्वथा
३३५ १९ वाचस्पति मिश्र वाचस्पतिमिश्र
३३६ २१ तत्त्वसंग्रहपजिका तत्त्वसंग्रहपंजिका
३३६ २८ रचनाकी रचना की
३३६ ३१ रचनाकी रचना की
३३६ ३१ सिद्धातोमें सिद्धान्तोंमें
३३९ १३ अर्वाचीव अर्वाचीन
३४९ अंतिम पं० बेचनदास पं० बेचरदास
३५१ २६ कियाहै किया है