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सर्वकोश
स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

स्याद्वादमञ्जरी (आचार्य मल्लिषेण सूरि - डॉ. जगदीशचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Syadvadamanjari of Mallishena Suri with Hindi Commentary

आचार्य मल्लिषेण सूरि (अनुवादक: डॉ. जगदीशचन्द्र जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished458 पृष्ठ

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शुद्धाशुद्धि पत्र
पृ० पंक्ति अशुद्ध शुद्ध
१ ३ श्री रायचन्द्र जैनशास्त्रमालायां श्रीमद्राजचन्द्रजैनशास्त्रमालायां
३ ६ दापा: दोषाः
४ ५ वैशेषिकवचनम् वैनाशिकवचनम्
४ २२ वैशेषिकोंने वैनाशिकों ( बौद्धों ) ने
६ ९ सङ्घचयाया सङ्ख्यया
११ ६ हत्वाद् हंतृत्वाद्
२२ २१-२ अर्थात् परमाणु पृथिवी अर्थात् अर्थात् परमाणु पृथिवी और
अनित्य पृथिवी अर्थात्
४४ १ अन्य. यो. व्य. श्लोक ६ अन्य. यो. व्य. श्लोक ७
४५ १ ,, ,, ,, ,,
४६ १ ,, ,, ,, ,,
४७ १ ,, ,, ,, श्लोक ८
४८ १ ,, ,, ,, श्लोक ८
५६ १ तर्वादि तैर्वादि
६७ ६ यत्रव यत्रैव
८८ ५ श्रद्दादिविधानेन श्राद्धादिविधानेन
१६१ १४ विज्ञानकारो विज्ञानाकारो
१८० १० यथा तथा
१८० १० आजवीभावलक्षणः आर्जवीभावलक्षणः
१८७ १५ कवकुट कुक्कुट
१८९ ३६ चित्रैस्तरङ् चित्रैस्तरङ्ग
१९० ४ अवोत्तरर्द्धि व्याख्या अथोत्तरार्द्धव्याख्या
१९२ ६ प्रामाणेन प्रमाणेन
१९३ ३५ प्रमाण्य प्रामाण्य
२०१ ३१ स्थिताश्चेति स्थितांश्चेति
२०१ ३१ तत्त्वार्थराजवर्तिके तत्त्वार्थराजवार्तिके
२०९ २९ स इस
२११ ३१ कीजा सकती की जा सकती
२१४ २५ कमसे क्रमसे
२१४ २६ अयवा अथवा
२१५ ४० गुणों जब गुणोंका जब
२१६ १९ स्वानुरत्त स्वानुरक्त
२१६ ३६ उप्णता उष्णता
२१६ ३९ तादाम्य तादात्म्य
२२० २७ ऐस ऐसा
२२८ २३ स्वरूव स्वरूप
२३८ २९ ओर और
२४२ २९ इलिये इसलिये
२४४ १५ वाचमुख्यः वाचकमुख्यः