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सर्वकोश
स्वरोदय विज्ञान

स्वरोदय विज्ञान

Swarodaya Vigyan

श्री स्वामी जी महाराज (पीताम्बरा पीठाधीश्वर) द्वारा

स्रोत: स्वरोदय विज्ञानं - पीताम्बरा पीठाधीश्वर · पीताम्बरा पीठ (उद्गम)

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शरीरदय विज्ञान) ३५)

(स्वरोदय विज्ञान)

दोऊ हाथ नीचें तवैं छाडि देईं ।
कहुं ये क चिंता न तौ चित लेईं ।
करै दृष्टि ऊंची सु भू को निहारै ।
तहौ छाँह अपनी बड़ी सो विचारै ।
सबै विंब पेखे बड़ी आयु जानौं ।
द्रगनि होन तौ पांच मासै बखानौं ।
बिना कान तौ जानियै तीनि मासै ।
कछू औरहू भेद ज्ञानी प्रकासै ।
हिये में परै दृष्टि तौ छिद्र जानौं ।
तहां तीनि वर्ष सुनौं मित्र मानौं ।
बिना नैन पेखे जु दौं वर्ष जानौं ।
चरण जो न पेखे सु येकै बखानौं ।
सबै सुद्ध विंब लिखे जो सु ज्ञानी ।
रही ताहि नव वर्ष लौं मृत्यु मानी ।
न देखे जु विंब षटै मास वाकी ।
लखौं दौतिही घोस है मृत्यु ताकी ।
करै या जतन मित्र यौं जुक्ति जानौं ।
सिवा में बखानी सबै साँचु मानौं ।

इति काल-ज्ञान

अथ काल कौ उपाइ

जु पै लोइ ज्ञानी लखे कालु आयौं ।
उपायै करै जू सु योगी बतायौं ।
तजै ग्रह कौं जू तबै होइ त्यागी ।
सबै रोग मैटै सु है बीतरागी ।
करै पूरकौ पिंगला में तहां लौं ।