सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)

Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary

भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा

DevanagariHindipublished838 पृष्ठ

पृष्ठ 589, कुल 838 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 589

५६४
सूर्य-सिद्धान्त
मध्यकाल सम्बन्धी—
स्फुटवलन = ४° ५६' उत्तर
∵ ज्या स्फुटवलन = ज्या ४° ५६' = २४६' = २४६ / ७० = ४·२३ अंगुल
चन्द्रशरः = = ८'·८ उत्तर (पृष्ठ ४६५)
= ८·८ / ३ = २·६३ अंगुल
मोक्ष काल सम्बन्धी—
स्फुटवलन = ३° ५६' दक्षिण (पृष्ठ ५०५)
∵ ज्या ३° ५६' = २३६' = २३६ / ७० = ३·४ अंगुल
चन्द्रशर = ३' उत्तर (पृष्ठ ५००)
= १ अंगुल

[चित्र के अक्षर / लेबल:]
ख, उ, सू, सू, क, ढ, वू, प, मा, वी, मो, च, उ, म, सां, नि, सवि, पू, पु, पू, द, वा

चित्र १०३