सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें५२२ सूर्यसिद्धान्त
सूर्य की ६० घड़ी की गति = ६१'·३६
∵ १५ '' = १५'·३४
और १५ पल की '' = ०'·२५६
∴ १४ घड़ी ४५ पल की गति = १५'·०८४
अमावस्यान्तकालिक स्पष्ट सूर्य = ६रा ०° ३२'·७७८
∵ काशी के सूर्योदय काल का स्पष्ट सूर्य = ६रा ०° १७'·६८४
= ६रा ०° १७'·७ के लगभग
∴ काशी के सूर्योदय के सूर्य का सायन भोगांश
= ६रा २२° ५८'·७ = ६रा २२° ५६'
सूर्य की क्रान्तिज्या = ज्या ६रा २२° ५६' × ·३६७६ / १ (देखो पृष्ठ ३०६)
= - ज्या ६७° १' × ·३६७६
= - ·९२०६ × ·३६७६ = - ·३३६३
∴ दक्षिण क्रान्ति = २१° २६'
काशी की उदयकालिक चरज्या = स्परे २१°२६' स्परे २५°२०'
= ·३६३६ × ·४७३४ = ·१७६३
चरांश = १०° ४४'
चरकाल = ६४४ असु = १०७·३ पल = १ घड़ी ४७·३ पल
इसलिये काशी में स्पष्ट सूर्योदय = ६ बजकर १ घड़ी ४७·३ पल पर हुआ ।
काल समीकरण = २१·१"
∴ काशी में सूर्योदय का मध्यकाल = ६ बजकर २ घड़ी ८·४ पल
परन्तु अमावस्यान्त काल = ६ बजकर १६ घड़ी ५३·६ पल
∴ सूर्योदय से अमावस्यान्त काल तक का समय = १४ घड़ी ४५·५ पल
सूर्योदय से मध्यान्ह का समय = १५ घड़ी - चरकाल
= १३ घड़ी १२·७ पल
∴ अमावस्यान्त का नतकाल (पच्छिम) = १ घड़ी ३२·८ पल
अमावस्यान्त काल का उदय लग्न त्रिभोन लग्न, और मध्यलग्न,
सूर्य सिद्धान्तानुसार:—
सायन राशियों के काशी के उदयासु (पृष्ठ ३१४ की तरह)