सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंसूर्यग्रहणाधिकार ५२३
मेष १३४५ असु मीन
वृष १५२५ " कुम्भ
मिथुन १८२१ " मकर
कर्क २०४१ " धनु
सिंह २०६३ " वृश्चिक
कन्या २००५ " तुला
अमावास्यान्तकालिक स्पष्ट सूर्य = ९ रा ०° ३२'·८
= २२० ४१'
∵ अमावास्यान्तकालिक सायन सूर्य = ९ रा २३° १३'·८
= ९ रा २३ १४'
मकर राशि के भोग्यांश = ६° ४६' = ४०६'
काशी में मकर राशि के उदयासु = १८२१
१८०० : ४०६ :: १८२१ : मकर के भोग्यासु
मकर के भोग्यासु = (४०६ X १८२१) / १८०० = ४११
सूर्योदय से अमावास्यान्त तक का समय = १४ घड़ी ४५·५ पल
= ८८५·५ पल
= ५३१३ असु
मकर के भोग्यासु = ४११
कुम्भ के उदयासु १५२५
मीन " १३४५
मेष " १३४५
योग ४६२६
इस योग को ५३१३ असुओं से घटाने पर ६८७ असु शेष होते हैं। यही
वृष लग्न के गतासु हैं परन्तु वृष के उदयासु १५२५ हैं।
१५२५ : ६८७ :: १८०० : वृष के गतांश
∴ सायन वृष लग्न के गतांश = (६८७ X १८००) / १५२५ = ८११ कला = १३° ३१'
∴ सायन उदय लग्न ३०° + १३° ३१' = ४३° ३१'
∴ अमावास्यान्तकालिक सायन त्रिभोन लग्न = ४३° ३१' - ६०°
= ३६०° + ४३° ३१' - ६०
= ३१३° ३१'