सूर्यसिद्धान्त (प्राचीन भारतीय खगोल गणित - सानुवाद सटीक)
Surya Siddhanta with Hindi Mathematical Commentary
भगवान् सूर्य / मय दानव / प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय द्वारा
पृष्ठ 512, कुल 838 में से
संदर्भ में पढ़ेंचन्द्रग्रहणाधिकार ४८७
इसलिए सूर्य की स्पष्ट दैनिक गति (देखो स्पष्टाधिकार पृ० १५८)
= ५६' ८" - ८२६/२१६०० × (१६४ × ५६' ८")/२२५
= ५६' ८" - १' ३६"
= ५७' २६" = ५७'.५
चन्द्रमा की दैनिक गति उपर्युक्त रीति से नहीं निकल सकती क्योंकि चन्द्रमा
की गति बहुत तीव्र होती है। इसलिए चन्द्रमा की दैनिक गति जानने के लिए पूर्ण-
मासी के उपरान्त शुक्रवार की मध्यरात्रि का चन्द्रमा स्पष्ट करना अच्छा है।
पूर्णमासी की अर्धरात्रि का मध्यम चन्द्र = ६रा २३° ३६'·२१
चन्द्रमा की दैनिक मध्यम गति = १३° १०'·५८
∴ प्रतिपदा की मध्यम रात्रि का चन्द्रमा = १०रा ६° ४६'·७६
= १०रा ६° ४६'·८ = १०रा ६° ५०'
,, ,, का चन्द्रोच्च = १रा २८° ३४' + ६'·७
= १रा २८° ४०'·७
∴ प्रतिपदा की मध्यरात्रि का चन्द्र मन्द केन्द्र
= १रा २८° ४०'·७ - १०रा ६° ४६'·८
= ३रा २१° ५०'·६
= १ पाद + २१° ५१' स्वल्पान्तर से
∴ दूसरे पाद का गम्य भाग = ६८° ६'
चन्द्रमा की स्फुट परिधि = ३२° - २०' × (भुज ज्या ६८° ६')/३४३८
= ३२° - २०' × ३१६१/३४३८
= ३२° - १६'
= १६०१'
∴ भुजफल = (१६०१ × ३११६)/२१६०० = २८१'
इसका धनु भी इतना ही होगा ।
इसलिए मन्दफल = २८१' = ४° ४१'
∴ प्रतिपदा की मध्यम रात्रि का स्पष्ट चन्द्र = १० रा ६° ५०' + ४° ४१'
= १० रा ११° ३१'