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सर्वकोश
श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

श्रीभाष्य (भगवद् रामानुजाचार्य - विशिष्टाद्वैत वेदान्त ब्रह्मसूत्र महाभाष्य सटीक)

Sri Bhashya of Bhagavad Ramanujacharya with Commentary

भगवद् रामानुजाचार्य (सम्पादक: स्वामी वासुदेवाचार्य) द्वारा

DevanagariHindipublished696 पृष्ठ

पृष्ठ 447, कुल 696 में से

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पृष्ठ 447

पदम्).
Forms of साधति (भ्वादिगण):
लट्: साधति साधतः साधन्ति...
लङ्: असाधत् असाधताम् असाधन् / असाधः असाधतम् असाधत / असाधम् असाधाव असाधाम !
YES! असाधाम IS THE FIRST PERSON PLURAL LAKARA OF 'साधँ संसिद्धौ' (भ्वादिगण)!
असाधाम = "हमने सिद्ध किया" (we established / we proved)!
Just like:
अब्रूम = "हमने कहा" (from ब्रू)
असाधाम = "हमने सिद्ध किया" (from साध्)!
That's why Ramanuja wrote:
"शास्त्रैकप्रमाणकमित्यसाधाम ।" (इति + असाधाम)
"वेदांतवाक्यानां समन्वयान्निरुह्यत इत्यब्रूम ।" (इति + अब्रूम)
"आनुमानिकप्रधानादर्थान्तरभूतश्चेतनविशेष एवेत्युपपादितम् ।"
"इति च समर्थयिष्यामहे ।" (or समर्थिष्यामहे)
Brilliant! It is 100% "इत्यसाधाम ।"!
Everything makes complete grammatical sense now!

Now let's verify:
Is it "इत्यसाधाम ।"?
Yes:
इ (i)
त्य (tya)
सा (sā)
धा (dhā)
म् (m)
Wait, इति + असाधाम = इत्य