सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंउपसंहार वर्णन् ४५१
तत् पश्चिमे द्वीप मुदन्वदन्तरं लडनामास्ति तदन्तरस्थे
पुरोत्तमे लण्डन नाम्ब्य (९१) गाभ्र
शैलाः (७०७) खनन्दाभ्रगुणः (३०९०) प्रदिष्टः । १३० ।
उसके पश्चिम में अति प्रसिद्ध इंग्लैण्ड द्वीप है जिसमें लण्डन नाम का श्रेष्ठ
नगर है । (९१) लण्डन ७०७ कला पश्चिम तथा ३०९० कला उत्तर है ।
तद् याम्यगेखण्ड इहीफ्रि काख्ये (९२)
सप्ताभ्रबाणाश्च (५०७) निरक्ष मन्ता ।
त्रयः कुभागा उदिताहि जम्बू
द्वीपस्य याम्यांशतयाः प्रसिद्धं । १३१ ।
उसके दक्षिण के खण्ड का नाम अफ्रीका है । (९२) अफ्रीका तट विषुव से
५०७ कला उत्तर है । इस प्रकार तीन महोदेशों के बारे में कहा गया । अफ्रीका
जम्बू द्वीप के दक्षिण में प्रसिद्ध है ।
अमेरिका धो द्विविधोत्तरास्य
सौम्यांश (९३) भक्ता परदिग् विधक्ष्यः
तन्मध्य एवाद्रि ख सप्त चन्द्राः (१७०७)
खखाभ्ररामा (३०००) अथदक्षिणस्याः । १३२ ।
पश्चिम दिशा में अमेरिका उत्तर और दक्षिण दो भागों में बंटा हुआ है । (९३)
उत्तर अमेरिका का मध्य भाग १७०७ कला पश्चिम तथा ३००० कला उत्तर है ।
(९४) दक्षिण अमेरिका का
मध्ये (९४)ऽद्रि नागाक्षि भुवो (१२८७)ऽक्षलिप्ताः
सौम्य खदन्तेन्दव (१३२०) आसुराशेः
आस्ट्रेलियान्त (९५) स्त्रिभुजांग संख्याः (६२३)
प्राच्य खखार्थाक्षितयश्च (१५००) याभ्याः । १३३ ।
मध्य भाग १२८७ लिप्ता पश्चिम तथा १३२० कला दक्षिण है । (९५) आस्ट्रेलिया
६२३ कला पूर्व तथा १५०० कला दक्षिण है ।
अथार्क सूक्ष्म