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सर्वकोश
सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)

Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara

सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा

DevanagariHindipublished609 पृष्ठ

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पृष्ठ 547

शृंगस्य गौर्यादिकं शंकरस्या (८३)
ष्टाब्ध्यग्नि गोचन्द्र (१९३४८) करोन्नयस्य । १२५ ।
(८१) हिमालय का पूर्व भाग २४३ कला पूर्व तथा १६८७ कला उत्तर है ।
(८२) हिमालय का मध्य भाग १४१ कला पूर्व तथा १७३३ कला उत्तर है । (८३)
इसकी चोटी गौरीशंकर (एवरेस्ट) का ऊंचाई (१९३४८) हाथ है ।
खार्थेन्दवः (१५०) आम्रघना (१७००) नगेश
सौम्येहदे मानस नामधेये (८३)
षट्खेन्दवः (१०६) खांबुधि नाग चन्द्राः (१८४०)
सप्तांग षड् जिष्णु (१४६६७) करोन्नतेस्तु । १२६ ।
तथा स्थिति १५० कला पूर्व और १७०० कला उत्तर है । (८४) पर्वतराज के
उत्तर में मानस नामक सरोवर १०६ कला पूर्व तथा १८४० कला उत्तर में स्थित
है । इसकी ऊंचाई (१४,६६७) हाथ है ।
कैलाश शैलस्य (८५) दिगिन्दवो (११०) ऽर्थ
शैलाष्ट चन्द्रा (१८७५) श्रतदुत्तरस्थे ।
देशे पुर स्तिब्बत नाम्नि (८६) राम
गोब्ज्याः (१९३) खबाणां क भुवो (१९५०) ऽथ चीने (८७) । १२७ ।
(८५) कैलाश चोटी का ११० कला पूर्व तथा १८७ कला उत्तर है । (८६)
इसके पूर्व तिब्बत देश १९३ कला पूर्व तथा १९५० कला उत्तर है । (८७) चीन
का मध्यभाग
त्रिनन्दरामाः (३९३) खरसाष्ट चन्द्रा (१८६०)
सौम्ये स्थितः तस्य चराजधानी (८८)
शून्याप्रसिद्धा (२४००) अथ रूस मध्ये (८९)
त्र्यंकाब्धयः (४९३) पूर्णनवांकरामाः (३९९०) । १२८ ।
३९३ कला पूर्व तथा १८६० कला उत्तर है । (८८) इसकी राजधानी और
उत्तर में अर्थात् ३९३ कला पूर्व तथा २४०० कला उत्तर है । (८९) रूस का मध्य
भाग ४९३ कला पूर्व तथा ३९९, कला उत्तर है ।
इत्येशियानाम महीमहांश
स्थानानि पश्चादि यूरोप नाम्नः
भागस्य मध्य (९०) परदिग् विधूष्यः
सप्ताम्र बाणाः (५०७) खधृतित्रि (३१८०) लिप्ताः । १२९ ।
ये सब एशिया महादेश के स्थानों का वर्णन है । इसके पश्चिम में यूरोप है ।
(९०) यूरोप के मध्य भाग की स्थिति ५०७ कलापश्चिम तथा ३१८० कला उत्तर
है ।