सिद्धान्तदर्पण (महामहोपाध्याय सामन्त चन्द्रशेखर सिंह - नग्न-नेत्र खगोल वेध एवं गणित महाकोश)
Siddhanta Darpana of Mahamahopadhyaya Samanta Chandrasekhara
सामन्त चन्द्रशेखर सिंह (सम्पादक: प्रो. योगेशचन्द्र राय) द्वारा
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दिया है तथा इच्छा के विरुद्ध मेरी बुद्धि जिनके अधीन काम कर रही है वही
कृपासिन्धु समुद्रतनया लक्ष्मी के प्राण बन्धु के चरण युगल मेरी बुद्धि के आश्रय
स्थल हों (जिससे वह दिग्भ्रमित न हों) क्योंकि उस महाप्रभु जगन्नाथ असंख्य
पतितों का उद्धार करने वाले करुणा के समुद्र हैं ।
इत्युत्कलो़ज्वल नृपाल कुल प्रसूत
श्री चन्द्र शेखर कृतौ गणितेऽक्षि सिद्धे ।
सिद्धान्त दर्पण उपाहित बाल बोधे
यातः सपाट इह पञ्चदशः प्रकाशः । ७२ ।
इस प्रकार उड़ीसा के उज्ज्वल राज वंश में उत्पन्न श्री चन्द्र शेखर द्वारा गणना
और वास्तव में समानता तथा बालकों के ज्ञान के लिए लिखे सिद्धान्त दर्पण में
पात वर्णन सम्बन्धी १५ वां अध्याय समाप्त हुआ ।
इति मुदित सुधीरे शुद्ध सिद्धान्त पूर्वे
नयन विषय सिद्ध व्योमगे दर्पणेऽस्मिन्
त्रिभिरिद मधिकारैः (३) पञ्चभूमिः (१५) प्रकाशै
र्ग्रहगणित समाख्यं पूर्वमर्द्धंयं समाप्तम् । ७३ ।
इस प्रकार ३ अधिकार के १५ प्रकाश सहित सिद्धान्त दर्पण ग्रन्थ का पूर्वार्द्ध
समाप्त हुआ जिसमें विद्वानों के आनन्द के लिये दृक् सिद्ध ग्रह गणित तथा शुद्ध
सिद्धान्त है ।